पादप

पादप जैविक पदार्थों का निर्माण करते है जिनका उपभोग पादप स्वयं करते है। इसके अलावा मानव सहित अन्य जंतु तथा सूक्ष्मजीव प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से इन्हीं पादपों पर निर्भर करते है। पादप पर्यावरण के विभिन्न संघटकों में जैविक पदार्थों तथा पोषक तत्वों के गमन को संभव बनाते है। हरे पादप अपना आहार स्वयं तैयार करते है। अतः वे स्वपोषित कहलाते है।

वृक्ष
कठोर तना एवं छाल युक्त ऐसे पौधे जिनकी लंबाई अधिक हो वृक्ष कहलाते है। इनके तने से कई शाखाएं ऊपरी हिस्सों से निकलती है। आम, नीम, बरगद, पीपल, खेजड़ी, बबूल, कीकर, रोहिड़ा आदि वृक्षों के उदाहरण है।

क्षुप
क्षुप या झाड़ी ऐसे काष्ठीय पादप है जिनकी ऊंचाई लगभग 6 मीटर से कम होती है। इनके तने का रंग सामान्यतः भूरा होता है। इनमें मुख्य तने के निचले भाग से कई शाखाएं निकलती है। इनका तना प्रायः कठोर होता है। जैस मेहंदी, गुलाब, केर, बेर आदि।

शाक
शाक ( herbs ) कम ऊंचाई के पौधे है। इन पौधों की ऊंचाई बहुत कम ( 1 मीटर से कम ) होती है। इनके तने का रंग भी हरा होता है। यह कम ऊंचाई के अत्यंत कोमल होते है और इन्हें आसानी से मोड़ा जा सकता है। जैसे गेहूॅं, चावल, तुलसी, हल्दी, मिर्च, टमाटर आदि।

एक वर्षीय पादप
ऐसे पादप जिनका जीवन काल एक वर्ष होता है, उन्हें एक वर्षीय पादप कहते हैं। जैसे-मक्का, ज्वार, बाजरा, सरसों आदि।

द्विवर्षीय पादप
ऐसे पादप जिनका जीवन काल सामान्यतया 2 वर्ष का होता है, द्विवर्षीय पादप कहलाते हैं। जैसे-प्याज, पत्ता गोभी, गाजर आदि।

बहुवर्षीय पादप
ऐसे पादप जिनका जीवन काल सामान्यतया 2 वर्ष से अधिक होता है, बहुवर्षीय पादप कहलाते हैं। नीम, चीड़, बरगद आदि बहुवर्षीय पादप है।

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