कोशिकांग

कोशिका द्रव्य में पाए जाने वाले मुख्य कोशिकांगों का विवरण निम्नानुसार है: लाइसोसोम इनमें बहुत शक्तिशाली पाचक एन्जाइम होते हैं। जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है तो लाइसोसोम फट जाते हैं और पाचक एन्जाइम अपनी ही कोशिका को पचा देते हैं इसलिए इसे कोशिका की आत्मघाती थैली भी कहा जाता है। गॉल्जीकॉय ये … Read more

अतिचालकता

अतिचालकता की खोज एक डच भौतिकशास्त्री कैमरलिंग ओनिस द्वारा 1911 में की गयी। अत्यन्त निम्न ताप पर कुछ पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है। इन्हें ‘अतिचालक’ (Super-conductor) कहते हैं और इस गुण को ‘अतिचालकता’ कहते हैं। 4.2 k (अर्थात् – 268.8°C) पर पारा अतिचालक बन जाता है, अर्थात् उसका विद्युत प्रतिरोध शून्य हो … Read more

प्रकाश वर्ष

प्रकाश वर्ष (lightyear), जो प्रव (ly) द्वारा चिन्हित किया जाता है, लम्बाई की एक मापन इकाई है। यह लगभग 95 खरब (9.5 ट्रिलियन) किलोमीटर की होती है। अन्तर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के अनुसार, एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश अपने निर्वात में एक वर्ष में पूरा कर लेता है। यह इकाई मुख्यत: लम्बी दूरियों … Read more

विद्युत क्षेत्र रेखाएँ

गुणधर्म (Properties) (1) विद्युत क्षेत्र रेखाएँ धन आवेश से चलकर ऋणावेश पर समाप्त होती है। (2) इसके किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की दिशा इंगित करती है। (3) क्षेत्र रेखाएँ परस्पर काटती नहीं हैं। (4) विपरीत प्रकृति के आवेशों में ये रेखाएँ खिंची हुई लचकदार डोरी की तरह लम्बाई … Read more

दोलन गति

यदि कोई वस्तु एक निश्चित बिन्दु के इधर-उधर निश्चित समय में बार- बार अपनी गति को दोहराती है तो वस्तु की गति को दोलन गति (Oscillatory Motion) कहते है। दोलन गति के उदाहरण सरल लोलक की आवर्त गति झूला झूलते हुए बालक की आगे-पीछे की गति

आवर्ती गति

जब कोई वस्तु एक निश्चित समयान्तर से एक निश्चित पथ कोबार- बार दोहराती है तो वस्तु की इस दोहरायी जाने वाली गति को आवर्ती गति (Periodic Motion) कहते हैं। अर्थात कोई गति जो निश्चित अंतराल के बाद पुनरावृति करती है, आवर्ती गति कहलाती है।आवर्त गति का एक पूर्ण चक्र पूरा करने में लगा समय आवर्तकाल … Read more

प्रकाश

वैद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के 400nm से 750 mm तरंगदैर्ध्य के विकिरणो को प्रकाश कहते हैं। प्रकाश तरंग को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक किसी सरल रेखा के अनुदिश गमन करते हुए माना जा सकता है । इस पथ को प्रकाश किरण कहते है तथा इसी प्रकार की किरणों के समूह से प्रकाश पुंज बनता … Read more

गोलीय दर्पण

जब किसी दर्पण का परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है तो वह गोलीय दर्पण कहलाता है। गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ को किसी खोखले गोले का भाग मान सकते है। गोलीय दर्पण से बने प्रतिबिंब की आकृति दर्पण के वक्र पृष्ठ की प्रकृति पर निर्भर करती है। गोलीय दर्पण के प्रकार गोलीय दर्पण दो प्रकार के … Read more

समतल दर्पण

जिस दर्पण का परावर्तक पृष्ठ समतल होता है उसे समतल दर्पण कहते है। कांच की समतल प्लेट पर एक ओर पाॅलिश करके समतल दर्पण बनाया जा सकता है। समतल दर्पण से बने प्रतिबिंब की विशेषताएं समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब सीधा एवं आकार वस्तु के बराबर होता है। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी … Read more

विद्युत चालकता

चालकता का मान पदार्थ की प्रतिरोधकता के व्युत्क्रम मान के बराबर होता है अर्थात $$\sigma = \frac{1}{\rho}$$ चालकता पदार्थ की प्रकृति तथा इसके ताप पर निर्भर करती है। चालकता को निम्न प्रकार से भी व्यक्त किया जाता है $$\sigma = \frac{ne^2\tau}{m}$$ जहाँ -e = इलेक्ट्रॉन का आवेश m = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान n = चालक … Read more