Category: विज्ञान

  • दोलन गति

    यदि कोई वस्तु एक निश्चित बिन्दु के इधर-उधर निश्चित समय में बार- बार अपनी गति को दोहराती है तो वस्तु की गति को दोलन गति (Oscillatory Motion) कहते है। दोलन गति के उदाहरण सरल लोलक की आवर्त गति झूला झूलते हुए बालक की आगे-पीछे की गति

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  • आवर्ती गति

    जब कोई वस्तु एक निश्चित समयान्तर से एक निश्चित पथ कोबार- बार दोहराती है तो वस्तु की इस दोहरायी जाने वाली गति को आवर्ती गति (Periodic Motion) कहते हैं। अर्थात कोई गति जो निश्चित अंतराल के बाद पुनरावृति करती है, आवर्ती गति कहलाती है।आवर्त गति का एक पूर्ण चक्र पूरा करने में लगा समय आवर्तकाल […]

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  • प्रकाश

    वैद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के 400nm से 750 mm तरंगदैर्ध्य के विकिरणो को प्रकाश कहते हैं। प्रकाश तरंग को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक किसी सरल रेखा के अनुदिश गमन करते हुए माना जा सकता है । इस पथ को प्रकाश किरण कहते है तथा इसी प्रकार की किरणों के समूह से प्रकाश पुंज बनता […]

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  • गोलीय दर्पण

    जब किसी दर्पण का परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है तो वह गोलीय दर्पण कहलाता है। गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ को किसी खोखले गोले का भाग मान सकते है। गोलीय दर्पण से बने प्रतिबिंब की आकृति दर्पण के वक्र पृष्ठ की प्रकृति पर निर्भर करती है। गोलीय दर्पण के प्रकार गोलीय दर्पण दो प्रकार के […]

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  • समतल दर्पण

    जिस दर्पण का परावर्तक पृष्ठ समतल होता है उसे समतल दर्पण कहते है। कांच की समतल प्लेट पर एक ओर पाॅलिश करके समतल दर्पण बनाया जा सकता है। समतल दर्पण से बने प्रतिबिंब की विशेषताएं समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब सीधा एवं आकार वस्तु के बराबर होता है। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी […]

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  • विद्युत चालकता

    चालकता का मान पदार्थ की प्रतिरोधकता के व्युत्क्रम मान के बराबर होता है अर्थात $$\sigma = \frac{1}{\rho}$$ चालकता पदार्थ की प्रकृति तथा इसके ताप पर निर्भर करती है। चालकता को निम्न प्रकार से भी व्यक्त किया जाता है $$\sigma = \frac{ne^2\tau}{m}$$ जहाँ -e = इलेक्ट्रॉन का आवेश m = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान n = चालक […]

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  • विद्युत गतिशीलता

    प्रति एकांक विद्युत क्षेत्र के अपवाह वेग के परिमाणको विद्युत गतिशीलता कहते हैं। विद्युत गतिशीलताको संकेताक्षर \(\mu\) से प्रदर्शित किया जाता है।अतः$$\mu= \frac{|\vec{v_d}|}{E}$$जहाँ \(\vec{v_d}\) अपवाह वेग तथा \(E\) विद्युत क्षेत्र है।गतिशीलता का SI मात्रक m2Vs-1 है और इसकेप्रायोगिक मात्रक cm2Vs-1 है।अपवाह वेग \(v_d = \frac{eE\tau}{m}\) का उपयोग करने पर विद्युत गतिशीलता निम्नवत प्राप्त होती है,$$\mu […]

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  • प्रभाजी आसवन

    जब दो या दो से अधिक द्रवों के क्वथनांकों का अंतर 50 डिग्री सेल्सियस से कम हो तो उनका पृथक्करण प्रभाजी आसवन विधि द्वारा किया जाता है। इस विधि में मिश्रण को गर्म करने पर प्रत्येक द्रव उसके क्वथनांक पर वाष्पित होता है। इनकी वाष्प को प्रभाज स्तंभ से गुजार कर संघनित करने पर भिन्न-भिन्न […]

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  • कार्य ऊर्जा प्रमेय

    किसी पिंड पर आरोपित परिणामी बल द्वारा किया गया कार्य उस पिंड की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के तुल्य होता है। Kf – Ki = W जहां Ki तथा Kf पिंड की आरंभिक एवं अंतिम गतिज ऊर्जा है। इसे कार्य ऊर्जा प्रमेय (Work energy theorem) कहते है। कार्य ऊर्जा प्रमेय (Work energy theorem) के अनुसार […]

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  • विद्युत शक्ति

    किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर धारा के प्रवाह के कारण किये गये कार्य की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं। अतः विद्युत शक्ति = किया गया कार्य/समय $$P = \frac{W}{\Delta t}$$ यदि किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा I समय Δt तक प्रवाहित हो रही है तो आवेश q को विभवान्तर […]

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