Category: धर्म

  • गायत्री

    ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचंड ॥ शांति कांति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखंड ॥1॥ जगत जननी मंगल करनि गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ २॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥॥ अक्षर चौबीस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥॥ शाश्वत […]

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  • शनिदेव

    सूर्यपुत्र श्री शनिदेव का वाहन गिद्ध तथा रथ लोहे का बना हुआ है। शनि देव की आरती जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र छाया महतारी।। जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी।। जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। क्रीट मुकुट शीश […]

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  • हनुमान

    हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की – 2 दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। आरती कीजै हनुमान लला की – 2 जाके बल से गिरवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।। अंजनिपुत्र महाबल दाई। संतन के प्रभु सदा सुहाई।। आरती कीजै हनुमान लला की – 2 दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जाये […]

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  • विष्णु

    आरती ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे।। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मनका। सुख सम्पति घर आवे कष्ट मिटे तन का।। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। मात पिता […]

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  • गणेश

    गणेश जी की आरती जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा । लड्डुअन […]

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  • शिव

    शिव जी की आरती ॐ जय शिव ओंकारा,भोले हर शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ हर हर हर महादेव..॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। तीनों रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ हर हर हर […]

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  • श्री हनुमान चालीसा

    श्री हनुमान चालीसा एक काव्यात्मक कृति है, जो कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है। अवधी भाषा में लिखित इस कृति में हनुमान जी शौर्य गाथा का वर्णन है। ।।श्रीहनूमते नमः।। श्री हनुमान चालीसा दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। […]

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  • दुर्गा

    दुर्गा मां शक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी हैं जिन्हें देवी, शक्ति, जगदम्ब आदि नामों से भी जाना जाता हैं । दुर्गा माता की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी।। मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को। उज्जवल से दोऊ नैना चंद्रबदन नीको।। जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा […]

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  • राम

    श्री राम अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र थे। इन्हें राम एवं श्री रामचन्द्र के नाम से भी जाना जाता है। श्री रामचन्द्र विष्णु के अवतार है। भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन करते है।

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