बालमुकुन्द बिस्सा


बालमुकुन्द बिस्सा का जन्म 1908 ई. में डीडवाना तहसील के पीलवा गांव में हुआ। इन्होंने नागौर में ‘ चरखा संघ’ एवं ‘खद्दर भण्डार’ की स्थापना कर इनका प्रचार –प्रसार किया। 1942 ई. में जयनारायण व्यास के नेतृत्व में शुरू हुए जनान्दोलन के दौरान बिस्सा को 9 जून, 1942 को भारत रक्षा कानून के अन्तर्गत बंदी बनाकर जेल में डाल दिया गया। जेल में राजनीतिक बंदियों से होने वाले दुर्व्यवहार के विरुद्ध बिस्सा ने लंबी भूख हड़ताल की। जेल में बंदियों के दमन और हड़ताल में बिस्सा बहुत कमजोर हो गए और उन पर लू का भी प्रकोप हो गया। 19 जून को उन्हें वार्ड से जेल अस्पताल भिजवाया गया जहां अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनका उसी दिन निधन हो गया। बिस्सा के निधन का समाचार समूचे नगर में बिजली की तरह फैल गया और देखते देखते अस्पताल व सामने लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। इनकी अन्त्येष्टि में एक लाख लोगों ने भाग लिया।


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